हस्ताक्षर सुधारने से भविष्य चमकने लगेगा (PART-II)

बृहस्पति ग्रह बुद्धिमत्ता, विवेक, ज्ञान, दार्शनिकता व महत्कांक्षा का कारक ग्रह गुरू अच्छा होने पर अनके प्रकार के सुखों का भोग कराता है और सामाज में प्रतिष्ठा का पात्र बनाता है। लेकनि जब पीडि़त होकर अशुभ फल देने लगता है तो बहुत कुछ छीन भी लेता है।

अगर हस्ताक्षर में है N, E हस्ताक्षर करते वक्त पहला अक्षर काफी बड़ा बनायें तथा हस्ताक्षर को उपर से नीचे की ओर करने की आदत डालें। यदि आपको गुरू को मजबूत करना है तो इसके लिए अपने हस्ताक्षर में सुधार करना होगा। ऐसा करने पर आपका भाग्य पक्ष मजबूत होकर अच्छा फल देने लगेगा

शुक्र ग्रह अंक 06 का प्रतिनिधित्व करता है शुक्र ग्रह संसार की सभी भौतिक वस्तुओं एंव सौन्दर्यता का प्रतीक शुक्र ग्रह को शक्तिशली बनाने के लिए आप-अपने हस्ताक्षर को सुन्दर, कलात्मक एंव नीचे एक लहराते हुए की एक रेखा खीचें। 

अगर हस्ताक्षर में है U, L, V हस्ताक्षर करते वक्त  हस्ताक्षर के अन्तिम अक्षर का उपरी भाग छोटा हो और नीचे का भाग लम्बाई लिये हुये होना चाहिए। ऐसा करने पर आप देंखेगें कि कुछ ही दिनों में आपको शुक्र ग्रह अच्छा फल देने लगेगा।

शनि अंक 8 का प्रतिनिधित्व करता है। शनि ग्रह शनि ग्रह के पीडि़त होने पर व्यक्ति के सारे काम बड़ी धीमी गति से होते है और सफल होने के लिए काफी प्रत्यन करने पड़ते हैं।

अगर हस्ताक्षर में है J, K, F  हस्ताक्षर करते वक्त अक्षरों को घुमाकर व तोड़ मरोड़कर व दूर-दूर व अस्पष्ट लिखने से बचना होगा। शनि ग्रह को ताकतवर बनाने के लिए हस्ताक्षर के लगभग सभी अक्षरों को बड़ा बनाना होगा एंव हस्ताक्षर के नीचे दो सीधी रेखायें खीचनी होगी। हस्ताक्षर के अन्तिम अक्षर के उपर डबल रेखा बनानी होगी।इससे धीरे-2 शनि ग्रह बलवान होकर शुभ फल देने लगता है

राहु एंव केतु इन ग्रहों के अशुभ हो जाने पर जीवन में अन्धकार का आधिपत्य कायम हो जाता है। मानसिक तनावग्रस्त होकर व्यक्ति उलूल-जलूल काम करने लगता है। जिससे उसके जीवन पर संकट के बादल मडराने लगते है। केतु के अशुभ होने पर व्यक्ति अक्षरों को छोटा बनाता है। 

अगर हस्ताक्षर में है स्ताक्षर करते वक्त लिखवाट में बार-बार कांट-छांट से बचना होगा। हस्ताक्षर का पहला अक्षर ज्यादा घुमावदार न बनायें। गोला बनाकर हस्ताक्षर को घेरने से बचना होगा। 

राहु व केतु को बलवान बनाने हेतु आप-अपने हस्ताक्षर को लयबद्ध तरीके से करें एंव ज्यादा छोटे अक्षर न बनायें। इससे राहु व केतु शुभ फल देने लगते है

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